02 Jun 2026
देवप्रयाग|नई दिल्ली, 02 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तराखंड में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दिल्ली एम्स से जुड़े एक डॉक्टर के परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। राजस्थान के पर्यटकों को लेकर जा रही एक इनोवा कार टिहरी जिले में देवप्रयाग के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त वाहन में दिल्ली एम्स के एक डॉक्टर का परिवार सवार था, जो उत्तराखंड भ्रमण पर आया हुआ था। हादसा उस समय हुआ जब वाहन देवप्रयाग क्षेत्र से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि कार सड़क से फिसलकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी और सीधे अलकनंदा नदी में पहुंच गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। नदी के तेज बहाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत अभियान में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। बचाव दलों ने घंटों की मशक्कत के बाद शवों और घायलों को बाहर निकाला। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
देवप्रयाग तहसीलदार वीरम सिंह पंवार ने कार सवार लोगों की जानकारी देते हुए बताया कि कार में राजस्थान के जैसलमेर निवासी हरीश की पत्नी गुड्डी देवी, पुत्र अवलेश, नम्बरदार, आयुष्मान, पुत्री जाह्नवी तथा डॉ दिनेश व उनकी पत्नी कमला और चालक थे। इनमें घायल 12 वर्षीय बालक का नाम आयुष्मान बताया गया है। उत्तराखंड नम्बर की कार के चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पहाड़ी मार्ग पर वाहन का संतुलन बिगड़ने या सड़क की तीखी मोड़ वाली स्थिति के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया। दुर्घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में लापता लोगों की तलाश के लिए सघन खोज अभियान जारी है। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर चारधाम और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा तथा पर्यटक वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार ने अधिकारियों को घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।