21 May 2026
नई दिल्ली, 21 मई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) के चुनावों की मतगणना जारी रखने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि मामले में गंभीर मुद्दे शामिल हैं और फिलहाल पहले से पारित रोक संबंधी आदेश में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। गुरुवार को वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए कहा कि मतगणना की प्रक्रिया जारी रहने दी जाए, भले ही अंतिम परिणाम घोषित न किए जाएं। तब मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। मामले में गंभीर मुद्दे हैं। आप उच्च न्यायालय के सामने अपनी दलीलें रखें। यह केवल अंतरिम व्यवस्था है। हम उच्च न्यायालय को प्रभावित नहीं करना चाहते हैं। उच्चतम न्यायालय ने बीसीडी के चुनाव में कथित रुप से अनियमितताओं और छेड़छाड़ किए गए बैलेट पेपर्स की गिनती के आरोपों के बाद मतगणना की गिनती पर रोक लगा दी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मतगणना पर रोक लगाने का आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को सुनवाई के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय को भेज दिया था। सुनवाई के दौरान वकील शोभा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली बार काउंसिल चुनाव की गिनती छेड़छाड़ किए गए बैलेट पेपरों से हो रही है। यह एक आपात स्थिति है। इस पर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मामले के प्रभावी निपटारे के लिए मूल रिकॉर्ड और बैलेट पेपर्स की जांच जरुरी होगी, इसलिए इस मामले की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा किया जाना ही उचित होगा। उच्चतम न्यायालय ने चुनाव से जुड़ी सभी याचिकाओं को दिल्ली उच्च न्यायालय ट्रांसफर करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस सप्ताह स्पेशल बेंच गठित करने का आग्रह किया था। बीसीडी का चुनाव 21, 22 और 23 फरवरी को हुआ था। बीसीडी चुनाव की गिनती 7 अप्रैल से शुरु हुई थी। इस चुनाव में 221 उम्मीदवार मैदान में हैं।