27 May 2026
हजारीबाग, 27 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 24 में एक ही परिवार के तीन लोगों की महुआ की शराब बनाने के सेफ्टी टैंक में उतरने पर दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में चमेली देवी, उनका बेटा रवि साव और चाचा मदन साव हैं जबकि आनंद साव गंभीर रूप से घायल हैं। घटना मंगलवार रात की है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार सेफ्टी टैंक में अवैध रूप से महुआ शराब बनाई और रखी जाती थी। इस कारण टैंक के अंदर जहरीली गैस बन गई थी। घटना के वक्त चमेली देवी टैंक से महुआ शराब निकालने के लिए नीचे उतरीं लेकिन अंदर पहुंचते ही जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। चमेली देवी जब काफी देर तक बाहर नहीं निकलीं तो परिजन चिंतित हो उठे। मां को बचाने के लिए सबसे पहले उनका बेटा रवि साव टैंक में उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर गिर पड़ा। इसके बाद चाचा मदन साव ने हिम्मत जुटाकर दोनों को बचाने की कोशिश की लेकिन वे भी उसी जहरीली गैस के शिकार हो गए। टैंक के भीतर मौजूद गैस इतनी खतरनाक थी कि तीनों में से कोई भी बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान घर के अन्य सदस्य बेसहारा होकर यह मंजर देखते रह गए। अपनी पत्नी, बेटे और भाई को तड़पता देख आनंद साव ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी गैस से प्रभावित होकर गंभीर रूप से प्रभावित हो गए। उन्हें तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि महुआ शराब के किण्वन (फर्मेंटेशन) के दौरान टैंक में जहरीली गैस जमा हो गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अवैध शराब निर्माण के पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में अवैध महुआ शराब निर्माण को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। वहीं, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दिलीप साहू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है।