20 May 2026
चंडीगढ़, 20 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पंजाब सरकार ने अगले महीने आयोजित होने वाली NEET की पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को पंजाब में मुफ्त बस यात्रा सुविधा मुहैया कराने का ऐलान किया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज अपने सोशल मीडिया एक्स के एकाउंट पर यह ऐलान करते हुए लिखा, "भगवान आपको सफलता दे। कई गरीब बच्चे NEET का पेपर देते हैं। उनके पास सेंटर में जाने के किराए के पैसे भी नहीं होते। अभी जब केजरीवाल जी ने NEET के बच्चो से बात की तो बच्चों ने मदद करने की मांग की। 21 जून को NEET का पेपर है। तो पंजाब सरकार ने निर्णय लिया है कि 20, 21 और 22 जून को पंजाब रोडवेज की सभी बसों में NEET की परीक्षा देने जा रहे सारे बच्चों का किराया माफ़ होगा। आपका एडमिट कार्ड दिखा दो, आपकी टिकट नहीं लगेगी। भगवान आपको सफलता दे।"
NEET पेपर लीक विवाद: क्या हुआ, सरकार ने दोबारा परीक्षा क्यों कराई?
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पिछले कुछ वर्षों में विवादों के केंद्र में रही है। हाल में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के बाद सरकार और National Testing Agency (NTA) पर भारी दबाव बना। इसी पृष्ठभूमि में जून में दोबारा परीक्षा (Re-Exam) कराने का फैसला लिया गया।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
NEET-UG परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने कई अनियमितताओं पर सवाल उठाए। इनमें शामिल थे:
-कुछ केंद्रों पर कथित पेपर लीक
-असामान्य रूप से बहुत अधिक टॉपर
“ग्रेस मार्क्स” दिए जाने पर विवाद
परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर आने के आरोप
बिहार और अन्य राज्यों में पुलिस जांच
सोशल मीडिया पर #NEETScam और #ReNEET जैसे अभियान चलने लगे। छात्रों ने परीक्षा की “साख” पर सवाल उठाए।
सरकार और NTA का शुरुआती रुखः
शुरुआत में केंद्र सरकार और NTA ने कहा कि परीक्षा की “इंटीग्रिटी” प्रभावित नहीं हुई है और बड़े पैमाने पर पेपर लीक का कोई प्रमाण नहीं मिला। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी शुरुआती दौर में पेपर लीक के आरोपों को खारिज किया था।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाः
छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि कुछ जगहों पर प्रश्नपत्र लीक होने के संकेत मिले हैं और परीक्षा की “sanctity” प्रभावित हुई है। हालांकि बाद में कोर्ट ने कहा कि पूरे देश में व्यापक स्तर पर सिस्टम फेल होने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
जून में दोबारा परीक्षा क्यों?
2024 विवाद के दौरान लगभग 1,563 छात्रों को दिए गए “ग्रेस मार्क्स” रद्द किए गए और उन्हें जून में दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया गया। यह कदम सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद उठाया गया था।
हालिया 2026 विवाद में भी कथित पेपर लीक के बाद NTA ने जून में Re-Exam कराने की घोषणा की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को “फूलप्रूफ” बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाईः
मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई। बिहार, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में कई गिरफ्तारियां हुईं। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि संगठित गिरोह पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध करा रहे थे।
राजनीतिक असरः
विपक्षी दलों ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। कई राज्यों में प्रदर्शन हुए और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
आगे क्या?
सरकार ने NTA में सुधार, साइबर सुरक्षा मजबूत करने और परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समितियां गठित की हैं। अब ध्यान इस बात पर है कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा कैसे बहाल किया जाए।