21 May 2026
कोलकाता, 21 मई (एजेंसी)। आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मामले की पुनः जांच कराने का निर्देश दिया। अदालत ने पीड़िता के परिवार की मांगों और आपत्तियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित करने को कहा है। यह दल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में काम करेगा। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने कहा कि अपराध की प्रकृति और समाज की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया जा रहा है। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करे, पीड़िता के परिवार से बातचीत करे तथा मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, साक्ष्य और रिकॉर्ड की गहन जांच करे। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी। उस दिन सीबीआई को अदालत में अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच प्रक्रिया को लेकर सीबीआई से कई सवाल किए। न्यायालय ने पूछा कि जब जांच अभी पूरी नहीं हुई है, तब घटनास्थल पर लोगों का प्रवेश कैसे हो रहा है। अदालत ने निर्देश दिया कि सेमिनार कक्ष सहित अस्पताल के उन सभी हिस्सों को तुरंत सील किया जाए, जिन्हें सुरक्षित रखना आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में आर.जी. कर अस्पताल की एक महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपित संजय राय को अदालत पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। हालांकि पीड़िता के परिवार ने जांच की निष्पक्षता और कई पहलुओं पर सवाल उठाते हुए दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले की सुनवाई से कलकत्ता हाई कोर्ट की तीन अलग-अलग पीठें पहले ही स्वयं को अलग कर चुकी थीं। 12 मई को न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा और न्यायमूर्ति राय चटर्जी की खंडपीठ ने मामले को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता पर टिप्पणी की थी। बाद में मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की पीठ ने मामले को नई खंडपीठ के पास भेज दिया था। फिलहाल यह मामला न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ के समक्ष लंबित है।