27 May 2026
नई दिल्ली, 27 मई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्पेशल जांच दल (एसआईटी) से इस मामले पर ताजा स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने स्पेशल जांच दल (एसआईटी) की पिछली स्टेटस रिपोर्ट पर गौर करते हुए पाया कि 400 से अधिक आरोपितों के खिलाफ 207 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। इसके पहले सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने सुझाव दिया था कि अब मणिपुर या गुवाहाटी उच्च न्यायालय इन मामलों की निगरानी करे। कोर्ट ने कहा था कि अब मणिपुर उच्च न्यायालय में नये मुख्य न्यायाधीश आ गए हैं, इसलिए वे स्थनीय हालात को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वो पीड़ितों के पुनर्वास के लिए बनी जस्टिस गीता मित्तल कमेटी की सिफारिशें जल्द लागू करे। उच्चतम न्यायालय ने जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता में बनी कमेटी पीड़ितों के पुनर्वास और उनके कल्याण के लिए बनाई थी। इस कमेटी में जस्टिस गीता मित्तल के अलावा जस्टिस शालिनी जोशी और जस्टिस आशा मेनन को शामिल किया था। कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की निगरानी के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी दत्तात्रेय पद्सालगिकर को नियुक्त किया था। मणिपुर में मई, 2023 में शुरु हुई हिंसा में अब तक दो सौ से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। इस हिंसा में हजारों लोग बेघर हुए और कई घायल हो गए। यह हिंसा तब भड़की जब मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था।