29 May 2026
हमीरपुर, 29 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा तेज आंधी और तूफान के दौरान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में अब तक छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार यह हादसा ललपुरा थाना क्षेत्र में मोरकांदर और कंडोर गांव के बीच बन रहे पुल पर हुआ। बताया जा रहा है कि शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी-तूफान के बीच पुल के एक हिस्से की स्लैब और शटरिंग ध्वस्त होकर नीचे गिर गई। उस समय कई मजदूर निर्माण स्थल पर मौजूद थे और कुछ लोग शटरिंग के नीचे काम कर रहे थे। देखते ही देखते भारी भरकम ढांचा मजदूरों पर आ गिरा।
ललपुरा थाना प्रभारी राकेश सरोज ने बताया कि हादसे में बांदा निवासी लोकेन्द्र, कुलदीप, सावंत यादव, स्वासा ललपुरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह तथा अछपुरा ललपुरा निवासी राजेश पाल की मौत हो गई। एक अन्य मजदूर की भी मलबे में दबने से जान चली गई। वहीं अवधेश, कल्लू, राजेश समेत कई अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका है। राहत दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीआरएफ की टीम को भी तत्काल बुलाया गया। जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पुल निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज आंधी के कारण कमजोर शटरिंग और स्लैब का संतुलन बिगड़ गया, जिससे पूरा हिस्सा ढह गया।
गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद की पहल पर दो वर्ष पहले बेतवा नदी पर इस पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। यह पुल ललपुरा क्षेत्र के मोरकांदर और कुरारा के कंडोर गांव को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। परियोजना पर कई करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पुल के बन जाने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण के दौरान हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रशासन मलबे में दबे अन्य मजदूरों की तलाश में जुटा हुआ है। मृतकों के गांवों में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।