04 May 2026
नई दिल्ली, 04 मई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद भी केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, कोर्ट की नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि राज्य की सरकारी मशीनरी अपनी जिम्मेदारी समझेगी और कोर्ट के दखल की जरूरत नहीं होगी। यह याचिका सनातनी संसद संस्था की ओर से दायर की गई है। आज याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील वी गिरी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की पुरानी घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का निर्देश दे और स्थिति की मानिटरिंग के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक मानिटरिंग कमेटी का गठन किया जाए। तब कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जल्दी सुनवाई की क्या जरुरत है। चुनाव हो चुके हैं और आज मतगणना हो रही है। सरकार तय करेगी कि आगे क्या करना है। अगर कोई बात रखनी है, तो कलकत्ता उच्च न्यायालय में रखी जा सकती है। हम 11 मई को ही सुनवाई करेंगे, जिस दिन इस मामले से जुड़ी मूल याचिका सुनवाई के लिए लिस्टेड है। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वकील डीएस नायडू ने कहा कि आयोग की जिम्मेदारी आज खत्म हो रही है। तब याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नतीजों के बाद आयोग की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है, इसलिए सुरक्षा का मुद्दा और ज्यादा अहम हो जाता है। तब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आगे की स्थिति को संभालना राज्य प्रशासन का काम है।