10 Jun 2026
- पाकिस्तान जाने की 14 साल बाद विशेष जत्थे को मिली मंजूरी, 19 जून को होगी वापसी
अमृतसर, 10 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अगुवाई में श्रद्धालुओं का विशेष जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना हुआ। अटारी-वाघा सीमा पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों के बीच यात्रा शुरू हुई।
पाकिस्तान ने कुल 737 सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया है, जबकि एसजीपीसी की ओर से 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे। इनमें से 541 श्रद्धालुओं को वीजा मिला, जबकि 20 लोगों की वीजा अर्जी मंजूर नहीं हो सकी। यह जत्था 14 साल बाद इस अवसर पर पाकिस्तान जा रहा है। पहले भारत और पाकिस्तान में नानकशाही कैलेंडर की अलग-अलग तारीखों के कारण कार्यक्रमों में अंतर रहता था। पाकिस्तान अब भी पुराने नानकशाही कैलेंडर के अनुसार गुरुपर्व मनाता है, जबकि भारत में नए कैलेंडर के अनुसार आयोजन किए जाते हैं। इस बार दोनों देशों के गुरुद्वारा प्रबंधक संस्थानों ने आपसी सहमति से कार्यक्रमों को सुविधानुसार आयोजित करने का फैसला लिया, जिसके बाद यह यात्रा संभव हो सकी।
धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि पाकिस्तान में 18 जून को श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी समागम आयोजित किए जाएंगे। जत्था 19 जून को भारत लौटेगा। जत्थे की अगुवाई भूपिंदर सिंह भलवान कर रहे हैं, जबकि गुरमीत सिंह बाहू को उप-आगू नियुक्त किया गया है। श्रद्धालु गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुधामों में माथा टेकेंगे। इस दौरान धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि यह जत्था श्री गुरु नानक देव जी के जन्म स्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब पहुंचेगा, जहां से 11 जून को गुरुद्वारा सच्चा सौदा साहिबके लिए रवाना होगा। 12 जून को यह जत्था गुरुद्वारा श्री पंजा साहिबके दर्शन के लिए जाएगा, जहां से 14 जून कोगुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के दर्शन के लिए पहुंचेगा। 15 जून को जत्थागुरुद्वारा श्री रोड़ी साहिब के दर्शन करने के उपरांत गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब पहुंचेगा, जहां 16 जून को शहीदी समागमों के संबंध में श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा। 18 जून को जत्था शहीदी समागमों में शामिल होगा और 19 जून को जत्थे की भारत वापसी होगी।
श्रद्धालुओं में कई ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जिनके पूर्वज पाकिस्तान से भारत आए थे और जिनके पैतृक गांव आज भी पाकिस्तान में मौजूद हैं। मोगा के श्रद्धालु मेजर सिंह ने कहा कि वह पहली बार इस यात्रा पर जा रहे हैं और उनका परिवार बेहद उत्साहित है। लेखक एवं समाजसेवी लखविंदर सिंह लखा सलेमपुरी ने कहा कि वर्षों से जिन गुरुधामों के दर्शन की अरदास कर रहे थे, आज वह अवसर मिला है।