11 Jun 2026
नई दिल्ली|वॉशिंगटन|तेहरान, 11 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज़)। मध्य पूर्व (West Asia) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'नेस्तनाबूद' करने की खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान उनके शांति प्रस्तावों (डील) को नहीं मानता है, तो "हम ईरान को नरक में भेज देंगे" (We'll bomb them tomorrow night)। ट्रंप के इस अल्टीमेटम के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया और कयास लगाए जाने लगे कि आज ईरान के लिए युद्ध की आखिरी रात हो सकती है।
हालांकि, इस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बेहद बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि उन्होंने ईरान पर होने वाले आज रात के विनाशकारी हमलों और बमबारी को आखिरी समय पर रद्द (Cancel) कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी 'इनसाइड स्टोरी' से पर्दा उठाते हुए बताया कि वैश्विक नेताओं और खाड़ी देशों के हस्तक्षेप के बाद यह फैसला लिया गया है। ट्रंप ने कहा:
"चूंकि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के साथ बातचीत अब बहुत उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है, इसलिए मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में आज शाम ईरान के खिलाफ होने वाले हवाई हमलों और बमबारी को रद्द कर दिया है। इस शांति समझौते (Transaction) के मसौदे को अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब, यूएई, कतर, तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र सहित सभी संबंधित देशों ने मंजूरी दे दी है। हालांकि, जब तक इस पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) पूरी तरह लागू रहेगी।"ईरान के ताजा हालात: युद्ध के मुहाने पर खड़ा है मिडल ईस्ट
भले ही आज रात की बमबारी टल गई हो, लेकिन पिछले 24 से 48 घंटों में ईरान के हालात बेहद गंभीर और तनावपूर्ण बने हुए हैं:
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सील:
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की सेना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'होर्मुज पास' को हर तरह के जहाजों और तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज यहां से गुजरेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।
समुद्र में आमने-सामने की जंग:
खाड़ी में पिछले चार दिनों में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। ओमान के तट के पास ताजा हमला 'एमवी जलवीर' नाम के टैंकर पर हुआ है।
दक्षिणी ईरान में भारी तबाही:
पिछले दो दिनों में अमेरिकी वायुसेना और सेंटकॉम (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में स्थित रडार, हवाई रक्षा प्रणालियों और सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की है। इस भीषण युद्ध और 50 डिग्री की गर्मी के बीच ईरान के करीब 20,000 लोग पीने के पानी के संकट से जूझ रहे हैं।
ईरान का पलटवार:
ईरानी सेना और उसके समर्थित गुटों ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सायरन गूंज रहे हैं।
अब आगे क्या होगा? तेल बाजारों में हड़कंप:
ट्रंप ने भले ही बमबारी रोक दी हो, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि अमेरिकी सेना ईरान के तेल और गैस बाजारों (जैसे खार्ग द्वीप) को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने के लिए तैयार बैठी है। वहीं ईरान के शीर्ष वार्ताकारों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसकी तेल संप्रभुता को हाथ लगाया, तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी।
पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान ट्रंप के इस दबाव के आगे घुटने टेक कर शांति समझौते पर दस्तखत करेगा, या फिर यह सिर्फ कुछ घंटों की शांति है जिसके बाद एक और महायुद्ध छिड़ सकता है।