02 Jun 2026
नई दिल्ली, 02 जून (एजेंसी)। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने 2020 के दिल्ली दंगों के एक मामले में पांच आरोपितों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में चश्मदीद गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। पांचों पर हत्या, आगजनी, दंगा और डकैती के आरोप थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक 25 फरवरी, 2020 को शिव विहार के रहने वाले अनवर के घर में दंगाइयों की भीड़ ने हमला किया और घर में रखे सामान को लूट लिया। दंगाइयों की भीड़ ने वाहनों और घर को आग लगा दी। दंगाइयों की भीड़ ने अनवर को मारने के बाद उसे जला दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शरीर के कुछ अंगों को बरामद दिया। इन मानव अंगों के डीएनए टेस्ट के बाद पता चला कि वो अनवर के थे। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने ये जरुर स्थापित किया कि शरीर के बरामद अंग अनवर के थे और उसकी मौत हत्या थी, लेकिन पुलिस आरोपित लखपत, कुलदीप, योगेश, ललित और कुलदीप को अनवर की मौत का जिम्मेदार नहीं साबित कर सकी। कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपित शिव विहार और करावल नगर के थे। उनके लोकेशन शिव विहार और करावल नगर के थे, लेकिन इससे ये साबित नहीं होता कि वे हत्या के दोषी हैं। कोर्ट ने इस मामले के शिकायतकर्ता सलीम के बयान को भरोसेमंद नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि उसके बयान में कई विरोधाभास थे, जो अभियोजन की थ्योरी से मेल नहीं खाते हैं।