11 Jun 2026
नई दिल्ली, 11 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज )। ओमान तट के पास गुरुवार को भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर हमला हुआ है। हमला किसने किया, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल सकी है लेकिन हमले के बाद जहाज पर आग लग गई है। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और हालात पर बराबर नजर रखे हुए हैं। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ओमान तट के पास हुए हमले में लापता तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि हमले के बाद लापता हुए तीनों भारतीय समुद्री कर्मियों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर MT Settebello पर ओमान के तट के निकट अमेरिकी सैन्यकर्मियों द्वारा किया गया था। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय शामिल थे। हमले के बाद जहाज के इंजन कक्ष में भीषण आग लग गई। 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय समुद्री कर्मी लापता हो गए थे। बाद में उनकी मौत की पुष्टि की गई।
मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और मुख्य अभियंता पी. सुरेश के रूप में की गई है। केंद्र सरकार ने मृतकों के पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने और परिजनों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बेहद चिंताजनक हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। भारत ने इस मामले को लेकर अमेरिकी पक्ष के समक्ष औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है।
उधर, पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण होर्मुज क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है और यहां किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार तथा समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर बढ़ते हमले अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। भारत भी अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा को लेकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।