06 Jun 2026
- सरकार ने खाद्य तेलों की पैकिंग के मानक आकार किए तय, नए नियम के लिए तीन माह का समय
नई दिल्ली, 06 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। केंद्र सरकार ने खाने के तेल के लिए स्टैंडर्ड पैकेजिंग साइज अनिवार्य किया है, ताकि ग्राहक अलग-अलग ब्रांड की कीमतों की तुलना कर सकें। अब कंपनियों को 200 ग्राम से लेकर 20 किलोग्राम तक के तय पैकेट में ही खाद्य तेल बेचना होगा।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 'लीगल मेट्रोलॉजी' फ्रेमवर्क के तहत खाने के तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज तय किए गए हैं।
सरकार की जारी अधिसूचना के अनुसार अब कंपनियों को 200 ग्राम से लेकर 20 किलोग्राम तक के तय पैकेट में ही खाद्य तेल को बेचना होगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं को अलग-अलग ब्रांड की कीमतों की तुलना करने और सोच-समझकर खरीदारी का फैसला लेने में मदद करना है।
बयान के अनुसार विभाग ने खाद्य तेलों और वसा की शुद्ध मात्रा और मानक पैक साइज तय करने के लिए अपनी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में संशोधन किया गया है। इसके अंतर्गत मैन्युफैक्चरर्स, पैकर्स और इम्पोर्टर्स को नए नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का ट्रांज़िशन पीरियड दिया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में मुख्य खाद्य तेलों ( जैसे पाम, सोयाबीन, सूरजमुखी, सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, बिनौला और मक्का का तेल) और ब्लेंडेड खाद्य तेलों के लिए नौ स्टैंडर्ड पैक साइज़ तय किए गए हैं, जिसमें 200 मिलीग्राम, 500 मिलीग्राम, एक लीटरकिग्रा, 2 लीटरकिग्रा, 3 लीटरकिग्रा, 4 लीटरकिग्रा, पांच लीटरकिग्रा, 15 लीटरकिग्रा और 20 लीटरकिग्रा शामिल है। अधिसूचना के अनुसार 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से कम के पैकेटों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक यदि तेल की मात्रा वॉल्यूम (मिलीलीटर या लीटर) में घोषित की गई है, तो कंपनियों को अपने पैकेट पर उसके बराबर का वजन (ग्राम या किलोग्राम) भी समान आकार के अक्षरोंअंकों में अनिवार्य रूप से लिखना होगा।