29 May 2026
नई दिल्ली, 29 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण के मामले पर सख्ती दिखाते हुए प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय करने का आदेश दिया। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य के डीजीपी को एफआईआर दर्ज करने औऱ एसआईटी जांच कराने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि इस पूरे मामले में ऊपर से लेकर नीचे तक सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जांच सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए कि आखिर जोजरी नदी की यह हालत कैसे हुई। उच्चतम न्यायालय ने ये भी साफ कर दिया कि अगर कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो अवमानना की कार्रवाई शुरु की जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने 17 नवंबर, 2025 को जोजरी नदी में प्रदूषण को हटाने को लेकर राजस्थान सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम सुनिश्चित करेंगे कि एनजीटी के आदेश से आगे कुछ ठोस कदम उठाए जाएं, क्योंकि जमीनी हालात बेहद चिंताजनक है। कोर्ट ने कहा था कि यह राज्य सरकार की विफलता है कि उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषण अभी भी नदियों में जा रहा है। वर्षों से मामले में संज्ञान लेने के बावजूद जमीनी हालात बदतर होते जा रहे हैं। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया था कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम लिमिटेड (रीको) के अलावा पाली, बलोतरी और जोधपुर के नगर निकायों ने एनजीटी के 2022 के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें जोजरी नदी को साफ करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने राजस्थान सरकार से पूछा था कि वो ये भी बताएं कि क्या वे एनजीटी के आदेश को चुनौती देने के प्रति गंभीर हैं। कोर्ट ने 10 अक्टूबर, 2025 को जोजरी नदी में जहरीले पानी के मसले पर स्वत: संज्ञान लिए गए मामले की सुनवाई एनजीटी के आदेश के खिलाफ लंबित अपील के साथ सुनवाई करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इस मसले पर 16 सितंबर, 2025 को स्वत: संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा था कि नदी में औद्योगिक कचरा छोड़े जाने से स्वास्थ्य और दूसरे पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कोर्ट ने कहा था कि आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाला औद्योगिक कचरा सीधे नदी में गिराया जा रहा है, जिसकी वजह से सैकड़ों गांवों का पानी प्रदूषित हो गया है। लोगों को पीने का साफ पानी तक नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से स्वास्थ्य और दूसरे पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कोर्ट ने कहा था कि राजस्थान की मरुधरा जोजरी नदी में वस्त्र और टाइल्स फैक्ट्रियों से भारी मात्रा में औद्योगिक कचरा छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से सैकड़ों गांवों में रहने वाले लोगों और पशुओं के लिए पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। जोजरी नदी राजस्थान के नागौर जिले के पोंडलू गांव के नजदीक से निकलती है और जोधपुर और बाड़मेर जिलों से होकर लूणी नदी में मिल जाती है।