15 Jun 2026
नई दिल्ली, 15 जून (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने बिहार में बिना विधायक या विधान पार्षद बने ही दूसरी बार मंत्री बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को नोटिस जारी किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया। याचिका राकेश कुमार सिंह ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि दीपक प्रकाश को पहली बार 10 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के दौरान बिना विधायक या विधान पार्षद बने ही मंत्री बनाया गया था। याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत कोई व्यक्ति विधायक या विधानपार्षद बने अधिकतम छह महीने तक मंत्री रह सकता है। इस प्रावधान के बाद दीपक प्रकाश 19 मई तक रह सकते थे। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सम्राट चौधरी ने 7 मई को जब अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया तो दीपक प्रकाश को फिर बिना विधायक या पार्षद बने ही दोबारा मंत्री बना दिया गया, लेकिन 19 मई के बाद दीपक प्रकाश का मंत्री पद पर बने रहना गैर-कानूनी है।