16 Jun 2026
कोलकाता, 16 जून (एजेंसी)। फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के पिछले वर्ष कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम से जुड़े कथित अव्यवस्था मामले में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास को मिली अंतरिम राहत के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी गई है। इस मामले पर अब इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, कलकत्ता उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन एकल पीठ ने 10 जून को अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक किसी भी प्रकार की कठोर पुलिस कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि पुलिस कानून के अनुसार जांच जारी रख सकती है और जांच एजेंसी के नोटिस पर याचिकाकर्ता को उपस्थित होना होगा। मामला 13 दिसंबर 2025 को सॉल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित लियोनेल मेसी के ‘गोअट इंडिया टूर’ कार्यक्रम से जुड़ा है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान भीड़ प्रबंधन में गंभीर खामियां थीं, जिसके कारण अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते मेसी को कार्यक्रम से समय से पहले निकलना पड़ा। राज्य सरकार ने हाल ही में इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू की थी। ममता बनर्जी सरकार के पूर्व मंत्रिमंडल में खेल एवं विद्युत मंत्री रहे अरूप विश्वास पर कार्यक्रम में हुई कथित अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद उन्होंने संभावित पुलिस कार्रवाई से राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। अब इस कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्ता ने मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी है। अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है और मामले की सुनवाई इस सप्ताह सूचीबद्ध की गई है। पिछले सप्ताह एकल पीठ में सुनवाई के दौरान सतद्रु दत्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने दावा किया था कि कार्यक्रम के लिए कुल 70 हजार टिकट जारी किए गए थे, जिनमें से 22 हजार टिकट अकेले अरूप विश्वास ने अपने टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए लिए थे। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि इन टिकटों को बाद में कई क्लबों को ऊंचे दामों पर बेचा गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने हाल में जांच शुरू की और अरूप विश्वास के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अरूप विश्वास के भाई स्वरूप विश्वास को भ्रष्टाचार, वसूली तथा बांग्ला फिल्म उद्योग की महिला सहायक कर्मियों के साथ कथित अनुचित व्यवहार सहित विभिन्न आरोपों में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और मामले की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।