17 Jun 2026
नई दिल्ली, 17 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 को और अधिक प्रभावी बनाने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हेल्पलाइन के व्यापक आधुनिकीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने कहा कि 1930 हेल्पलाइन साइबर अपराध, विशेषकर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शिकायत दर्ज कराने और त्वरित सहायता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी कॉल या शिकायत लंबित न रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि देशभर के 1930 कॉल सेंटरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (IVR) सिस्टम और इंटेलिजेंट कॉल रूटिंग जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही एक राष्ट्रीय स्तर का 1930 कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जो राज्यों में अनुत्तरित रह जाने वाली कॉलों को संभालेगा और पीड़ितों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराएगा।
समीक्षा के दौरान गृह मंत्रालय की नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS) के प्रदर्शन का भी आकलन किया गया। यह प्रणाली बैंकिंग नेटवर्क के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को रोकने और पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने में मदद करती है।
गृह मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत बैंकों, वित्तीय संस्थानों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पीड़ितों को उनकी फंसी हुई राशि वापस दिलाने में सफलता मिली है।
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मनी रिस्टोरेशन एवं शिकायत निवारण व्यवस्था से अब तक लगभग एक लाख नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं तथा 94 लाख ऐसे बैंक खाते प्रणाली में दर्ज किए जा चुके हैं जिनके माध्यम से धनराशि वापसी की प्रक्रिया संभव है।
गृह मंत्री ने साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों पर भी सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई और कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, बैंक तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर देश की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगी।
जनहित में सलाह: यदि आप किसी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। त्वरित शिकायत से आपकी धनराशि को रोकने और वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।