16 Jun 2026
अयोध्या, 16 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि और मंदिर संपत्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने करीब आठ घंटे तक दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच टीम ने मंदिर ट्रस्ट और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ भी की।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोप लगे। जांच के दौरान एक कर्मचारी के पास से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने और उसकी आय के मुकाबले अधिक संपत्ति होने के दावे सामने आए। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया।
जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त दान, उसके लेखा-जोखा और धन के उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि अभी तक किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
मंगलवार को SIT ने वर्ष 2021 से अब तक के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की जांच की। टीम ने कई कर्मचारियों और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए। सूत्रों के मुताबिक जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और वित्तीय लेनदेन की कई परतों की जांच की जा रही है।
नए आरोपों से बढ़ा विवादः
मंगलवार को कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े बहुमूल्य आभूषणों और करीब दो किलोग्राम सोने की गदा के कथित रूप से गायब होने के आरोप भी शामिल हैं। हालांकि मंदिर ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच एजेंसियां भी इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रही हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेजः
मामले को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार और मंदिर प्रबंधन से जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े संस्थान में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल SIT की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में चढ़ावे की राशि या मंदिर की संपत्तियों में कोई गड़बड़ी हुई है। मंगलवार शाम तक मामले में किसी नई गिरफ्तारी या आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।