17 Jun 2026
भोपाल, 17 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कमिश्नरेट पुलिस ने वाहन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की 40 कारें और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना और अन्य सहयोगी अभी फरार हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बुधवार काे पत्रकार वार्ता में बताया कि गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड तक फैला हुआ था। आरोपित ट्रैवल एजेंसियों और वाहन मालिकों को झांसे में लेकर गाड़ियां अपने कब्जे में लेते थे और बाद में फर्जी दस्तावेजों के सहारे उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देते थे। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले का खुलासा विदिशा निवासी गोविंद कुशवाह की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी कार बिक्री के लिए भोपाल निवासी शैलेष जोशी को सौंपी थी। शैलेष ने वाहन बेच दिया, लेकिन उसकी रकम उन्हें नहीं दी। शिकायत मिलने पर अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शैलेष जोशी को अयोध्या बायपास क्षेत्र से पकड़ा। पूछताछ में उसके खुलासों के बाद एक संगठित वाहन ठगी गिरोह का पता चला। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित ट्रैवल एजेंसियों और निजी वाहन मालिकों से कार किराये पर लेने, कमर्शियल उपयोग में लगाने या बिक्री कराने का भरोसा देकर कार हासिल करते थे। इसके बाद वे स्वयं को वाहन मालिक बताकर फर्जी विक्रय अनुबंध तैयार करते और गाड़ियों को बेच देते थे। कई मामलों में बिना वैध दस्तावेजों के ही वाहनों की खरीद-फरोख्त की गई। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ वाहन ऐसे लोगों को बेचे गए, जिनके पास वाहन संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तक नहीं थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह चोरी-छिपे वाहनों को दूसरे राज्यों के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में बेचता था, जहां वाहन की वास्तविक स्थिति और मालिकाना हक की जांच की संभावना कम होती है। इससे वाहन मालिकों और पुलिस के लिए वाहनों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह अब तक 15 से 20 अन्य महंगी गाड़ियों की भी इसी तरह बिक्री कर चुका है। पुलिस को आशंका है कि बरामदगी और गिरफ्तारी का आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है। गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने सीहोर सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर 40 कारें और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों में कई महंगी कारें शामिल हैं। पुलिस अब वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया में जुटी है। पुलिस ने इस मामले में शैलेष जोशी, वहीद अली, जयेन्द्र जोशी उर्फ किट्टू, अरुण नाथ, राजा मीणा और रेहान खान नामक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मुख्य आरोपित विजयजीत सिंह गौर और उसके अन्य साथी अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसकी गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी तथा अतिरिक्त वाहनों की बरामदगी की संभावना है। उन्होंने वाहन मालिकों और ट्रैवल एजेंसियों से अपील की कि किसी भी व्यक्ति को वाहन किराये पर देने या बिक्री के लिए सौंपने से पहले उसकी पहचान, दस्तावेज और लेन-देन की पूरी जांच अवश्य करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।