19 Jun 2026
तेहरान|यरुशलम, 19 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी रहने के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि इजरायल दक्षिणी लेबनान से अपनी सैन्य मौजूदगी नहीं हटाता और हमले जारी रखता है, तो अमेरिका-ईरान के बीच हाल में हुए शांति समझौते और उससे जुड़ी आगे की वार्ताओं पर असर पड़ सकता है।
ताज़ा घटनाक्रम में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र का विस्तार दर्शाने वाला नया नक्शा जारी किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उनकी सेना फिलहाल लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। उनका कहना है कि हिजबुल्लाह से खतरा अभी भी बना हुआ है और उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि लेबनान में इजरायली सैन्य उपस्थिति और हमले शांति समझौते की भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं बदली तो यह समझौते के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा और भविष्य की परमाणु एवं क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
हिजबुल्लाह ने भी दावा किया है कि ईरान लेबनान से इजरायली सेना की वापसी को आगामी वार्ताओं का प्रमुख मुद्दा बनाएगा। हालांकि संगठन ने यह भी कहा कि फिलहाल यह अंतिम समझौते की पूर्व शर्त नहीं है, बल्कि बातचीत का अहम हिस्सा होगा।
इस बीच, लेबनान में इजरायली हवाई हमलों और ड्रोन हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ता है तो हाल में हुए अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
क्या ईरान वास्तव में समझौते से पीछे हट रहा है? फिलहाल ईरान ने औपचारिक रूप से शांति समझौता रद्द नहीं किया है। लेकिन तेहरान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि लेबनान में इजरायली कार्रवाई जारी रहने पर वह आगे की वार्ताओं को रोक सकता है या समझौते के अगले चरणों में सहयोग सीमित कर सकता है। इसलिए स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान, इजरायल और लेबनान के बीच होने वाली कूटनीतिक बातचीत पर दुनिया की नजर रहेगी।