30 Jul 2026
नई दिल्ली, 30 जुलाई (एजेंसी)। नीट-2026 के लिए परीक्षा में बैठने वाले एक छात्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने उसके परीक्षा परिणाम में 24 घंटे के अंदर तीन बार बदलाव किया। छात्र का आरोप है कि 24 घंटे के अंदर उसका स्कोर 650 से घटाकर 500 और बाद में 135 कर दिया गया।
याचिका में छात्र ने कहा है कि एनटीए की वेबसाइट पर दर्शाई गई ओएमआर शीट उसके द्वारा नहीं भरी गई है। याचिका में छात्र ने अपने असली फिजिकल ओएमआर आंसर शीट के संरक्षण की मांग की है और उसके स्वतंत्र वेरिफिकेशन की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विनीत जिंदल ने कहा है कि छात्र की परीक्षा से संबंधित सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वतंत्र वेरिफिकेशन किया जा सके।
याचिकाकर्ता छात्र ने नीट 2026 की 21 जून को दोबारा हुई परीक्षा में हिस्सा लिया था। जब उसने प्रोविजनल और फाइनल आंसर की का मिलान किया, तो उसने अनुमान लगाया कि उसे 620 अंक मिलेंगे। जब 16 जुलाई को रिजल्ट प्रकाशित किया गया, तो शुरु में एनटीए पोर्टल पर उसे 650 अंक मिले थे। पहली बार अपने अंकों को देखने के बाद जब उसने पोर्टल से लॉग आउट करने के बाद लॉग इन किया, तो उसका अंक बदलकर 500 कर दिया गया था। उसके अगले दिन उसके अंक और घटाकर 135 कर दिए गए।