29 Jul 2026
भुवनेश्वर, 29 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के छह जिलों में 2.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। ढेंकानाल जिले से चार लोगों की मौत होने की सूचना है। यह जानकारी विशेष राहत आयुक्त ने दी।
बुधवार की सुबह जारी आधिकारिक बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, कुल 748 गांवों, 233 ग्राम पंचायतों, 44 ब्लॉकों, छह शहरी स्थानीय निकायों और चार वार्डों में 2,03,208 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 27,967 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि 226 गांव अब भी जलमग्न होकर कटे हुए हैं।
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बालेश्वर, भद्रक, ढेंकानाल, जाजपुर, मयूरभंज और संबलपुर शामिल हैं, जहां भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण व्यापक जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बालेश्वर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां 12 ब्लॉकों के 378 गांवों में 1,09,429 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 19,080 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। यहां 654 घरों को नुकसान पहुंचा है और 125 राहत शिविरों में 16,987 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
भद्रक जिले में पांच ब्लॉकों के 220 गांवों में लगभग 80,000 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 5,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है और 41 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। ढेंकानाल जिले में चार लोगों की मौत के साथ 13 घरों को नुकसान पहुंचा है।
जाजपुर जिले में 75 गांवों के 11,156 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 1,640 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यहां 4,072 हेक्टेयर से अधिक फसल को नुकसान पहुंचा है और 20 राहत शिविर चल रहे हैं। मयूरभंज में 2,487 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 1,917 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यहां 3,744 हेक्टेयर फसल और 87 घरों को नुकसान हुआ है।
संबलपुर में अपेक्षाकृत कम प्रभाव देखा गया है, जहां 88 लोग प्रभावित हुए हैं और सात घरों को नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर, छह जिलों में 7,901 हेक्टेयर फसल और 761 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि नौ मवेशियों की मौत की भी सूचना है।
प्रशासन द्वारा बचाव और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है। राजस्व विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन कर राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है।
उत्तरी ओडिशा की कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर बनी हुई है। बैतरणी नदी अखुआपाड़ा में 20.32 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के स्तर 18.33 मीटर से काफी ऊपर है। इसी तरह सालंदी नदी 18.70 फीट पर और जालका नदी बस्ता के माथानी में 6.51 मीटर पर खतरे के निशान को पार कर चुकी है।
जलभराव और व्यापक बाढ़ के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है, विशेषकर उत्तरी ओडिशा में स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।