21 Jun 2026
अमृतसर, 21 जून (हि.स.)। शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक सिख गुरुधामों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रविवार सुबह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) कार्यालय से रवाना हो गया। जत्थे की रवानगी से पूर्व धार्मिक मर्यादा के अनुसार अरदास की गई तथा श्रद्धालुओं को शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और उनके परिजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
एसजीपीसी के अनुसार इस वर्ष 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 290 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान का वीजा प्राप्त हुआ। वीजा प्राप्त करने वाले सभी श्रद्धालु आज जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए। यह जत्था पाकिस्तान स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के गुरुद्वारों के दर्शन करेगा तथा 30 जून को भारत वापस लौटेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सिख इतिहास और गुरु साहिबान से जुड़े पवित्र स्थलों पर मत्था टेकेंगे। यात्रा पर रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने धर्म और विरासत से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिला है, जो उनके लिए बेहद विशेष क्षण है। एक श्रद्धालु ने कहा कि प्रत्येक सिख की इच्छा होती है कि वह उन गुरुद्वारों में मत्था टेके, जहां सिख गुरुओं और महान विभूतियों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं।
श्रद्धालुओं ने कहा कि वे लंबे समय से इस यात्रा का इंतजार कर रहे थे और अब यह अवसर मिलने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई है। उन्होंने एसजीपीसी और संबंधित प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के लिए किए गए प्रबंध सराहनीय हैं। रवाना होते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर आध्यात्मिक उत्साह और श्रद्धा स्पष्ट दिखाई दे रही थी। संगत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाओं के साथ विदा किया और उनकी सुखद, सफल एवं चढ़दी कला वाली यात्रा के लिए अरदास की।