21 Jul 2026
नई दिल्ली, 21 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी समेत कई सांसद और नेता अकबर रोड के पास धरने पर बैठ गए। इस बीच सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दो बार धरना स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। बाद में डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लंबी पोस्ट जारी कर पूरी वार्ता का ब्यौरा सार्वजनिक किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं की गरिमा को देखते हुए सरकार ने उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को वार्ता के लिए भेजा था। उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि यह स्थान धरने के लिए उपयुक्त नहीं है और इससे आम लोगों को भारी असुविधा हो रही है।
सरकार का दावा- राहुल ने पहले रखी थी सिर्फ एक मांग
डॉ. जितेंद्र सिंह के मुताबिक बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े आंदोलन से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए तैयार हो जाए, तो वह तत्काल धरना समाप्त कर देंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को सूचित किया गया कि उनकी यह मांग स्वीकार कर ली गई है और सरकार संसद में NEET तथा उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
'फिर राहुल ने जोड़ दी दूसरी मांग'
केंद्रीय मंत्री के अनुसार जब यह जानकारी राहुल गांधी को दी गई तो उन्होंने कहा कि केवल संसद में चर्चा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग रखी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं—पहली, संसद में चर्चा और दूसरी, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल चर्चा की मांग रखी थी, तो उनका जवाब था कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। मंत्री के अनुसार जब उनसे कहा गया कि इतने वरिष्ठ नेता का अपने ही शब्दों से इतनी जल्दी पीछे हटना उचित नहीं है, तो राहुल गांधी ने इसे अपना विशेषाधिकार बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब गृह सचिव ने धरना स्थल को अनुपयुक्त बताते हुए वहां से हटने का आग्रह किया तो राहुल गांधी ने कहा कि जहां चाहें, वहां बैठना भी उनका विशेषाधिकार है।
राहुल ने धरना जारी रखा, लोगों से आने की अपील की
सरकार की ओर से संसद में चर्चा का आश्वासन दिए जाने के दावे के बावजूद राहुल गांधी ने धरना समाप्त नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देशवासियों से धरना स्थल पर पहुंचने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
सरकार का कांग्रेस पर आरोप
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने अब तक संसदीय नियमों के तहत इस विषय पर औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी का अपने कथन से पीछे हटना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस का कहना है कि उसका आंदोलन केवल NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुए व्यवहार, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े व्यापक मुद्दों को लेकर है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों और विपक्ष की आवाज को गंभीरता से नहीं ले रही है।
फिलहाल धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बनी हुई है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है और पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
हिरासत में लेकर बसों में बिठाने की शुरुआत
इस दौरान पुलिस द्वारा सांसदों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में बिठाने का क्रम शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि कुछ विशेष तरह के लोग सिविल ड्रेस में अचानक वहां पहुुंचे और उन लोगों को पकड़कर बसों में बिठाना शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने के वक्त धरना स्थल पर अफरातफरी का माहौल है। दो बसों में लोगों को भर दिया गया है। फिलहाल सपा प्रमुुख एवं लोकसभा सदस्य अखिलेश यादव भी धरना स्थल पर पहुंच गए हैं। कुछ और बड़े नेताओं का पहुंचना जारी है।
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