21 Jun 2026
नई दिल्ली, 21 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। नीट की पुनर्परीक्षा पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि छात्र पूरी तरह निर्भय और चिंता मुक्त होकर परीक्षा दें। धर्मेंद्र प्रधान ने यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की ओर से बेनिटो जुआरेज मार्ग स्थित दक्षिणी परिसर में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कही। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने नीट परीक्षा को लेकर मीडिया से कहा, "आज नीट की पुनः परीक्षा होने जा रही है। मुझे एनटीए, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और देश के शिक्षा जगत पर पूरा भरोसा है। लगभग 22 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। वे पूरी तरह निर्भय और चिंता मुक्त होकर परीक्षा दें। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।" मुख्य अतिथि के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया मानसिक तनाव और शारीरिक फिटनेस जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रही है। इन सभी समस्याओं का अचूक समाधान हमारे प्राचीन योग विज्ञान में निहित है।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता की इस प्राचीनतम परंपरा को पिछले एक दशक में वैश्विक पटल पर स्थापित किया गया है। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों और आम लोगों से अपील की कि वे दिनभर में कम से कम 10 मिनट योग के लिए जरूर निकालें। यदि हम साल के 365 दिन योग करेंगे, तभी स्वस्थ रहकर दुनिया की सेवा कर पाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में दिल्ली विश्वविद्यालय के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि कुछ साल पहले तक डीयू 600वें पायदान के ब्रैकेट में हुआ करता था, जो अब सुधरकर 322वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय को आगामी वर्षों में दुनिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में जगह बनाने की चुनौती दी और कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण में डीयू का नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि भारत द्वारा मानवता को दी गई सबसे महानतम देन योग और आयुर्वेद हैं। योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के बीच संतुलन बनाता है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर मनुष्य का मन चंचल और शरीर आराम पसंद होता है, लेकिन योग मन को स्थिर और शरीर को गतिशील बनाकर व्यक्ति को आत्म-नियंत्रित करता है। शिक्षाविदों और पढ़े-लिखे लोगों में करुणा की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कुलपति ने कहा कि योग हमें प्रतिस्पर्धा के बीच भी करुणा और सहयोग की भावना सिखाता है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणि, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, सीओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो सहित शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।