02 Jul 2026
जयपुर, 02 जुलाई (एजेंसी)। राजस्थान हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग और बस संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मनमाने बदलाव कर चलाए जा रहे वाहनों से लगातार हादसे और मौत हो रही है। कई वाहन संचालकों ने बसों में ऐसे बदलाव कर दिए है, जो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इन बदलावों के कारण आग लगने जैसी घटनाएं हुई और उनमें यात्रियों की जान चली गई। अदालत ने कहा कि जब तक शर्तें पूरी नहीं हो तब तक बसों को नहीं चलने दिया जाए, चाहे वह किसी भी राज्य में पंजीकृत क्यों नहीं हो। परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह सभी बसें नियमों के अनुरूप हो और वाहन संचालकों की भी जिम्मेदारी है कि वे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश विनोद कुमार की अपील पर दिए। मामले के अनुसार अपीलार्थी की बस को जब्त किया गया था। जिसे हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बीमा कराने की शर्त पर अस्थायी रूप से छोडने के आदेश दिए थे। अपील में कहा गया कि जब्त करने की कार्रवाई के समय कई खामियां रही। जिस पर एकलपीठ ने ध्यान नहीं दिया।