27 Jun 2026
काराकस, 27 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। वेनेजुएला में बुधवार (24 जून 2026) की शाम आए दो भीषण और लगातार (बैक-टू-बैक) भूकंपों ने पूरे देश को दहला दिया है। इस आपदा में मरने वाले लोगों का आधिकारिक आंकड़ा बढ़कर 920 हो गया है, 3,300 से अधिक लोग घायल हैं और 50,000 से अधिक लोग लापता हैं।
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विनाश का मंजर बेहद खौफनाक है। अब तक कम से कम 920 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में पुर्तगाल, चीन, स्पेन, ब्राजील और इटली के विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके साथ ही 3,360 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका मलबे के बीच अस्थायी शिविरों और क्षतिग्रस्त अस्पतालों में इलाज चल रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर के मुताबिक, 50,000 से अधिक लोग लापता हैं। आशंका है कि इनमें से अधिकांश मलबे के नीचे दबे हैं, जिससे मौतों का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।
इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) का अनुमान है कि इस आपदा से देश के करीब 67 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भूकंप के बाद के पहले 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं, इसलिए समय के खिलाफ एक बड़ी जंग चल रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित तटीय राज्य ला गुएरा को पूरी तरह सैन्य नियंत्रण (Militarized) में ले लिया गया है। ट्रैफिक, शोर और अराजकता को रोकने के लिए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि खोजी कुत्ते और सेंसर मलबे में दबी सांसों को सुन सकें।
कई इलाकों में सरकारी मदद देर से पहुंचने के कारण लोगों में तीखा गुस्सा है। लोग बिना किसी औजार के, अपने नंगे हाथों से मलबा हटाकर अपनों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। रेस्क्यू टीमों के मुताबिक, ला गुएरा और काराकास में कई बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह 'सैंडविच' (एक के ऊपर एक जमींदोज) हो चुकी हैं, जिससे अब जिंदा बचे लोगों के मिलने की उम्मीद बेहद कम हो रही है।
संकट की इस घड़ी में दुनिया भर के देशों ने वेनेजुएला के लिए अपने हाथ बढ़ाए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 17 से अधिक देशों की खोजी और बचाव टीमें इस समय काम पर लगी हैं। भारत ने वेनेजुएला की मदद के लिए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (स्पेनिश शब्द, जिसका अर्थ 'मित्रता' है) शुरू किया है। भारतीय वायुसेना के दो विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर विमान 35 टन से अधिक राहत सामग्री, जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और एक पूरा आर्मी फील्ड हॉस्पिटल यूनिट लेकर वेनेजुएला रवाना हो चुके हैं।
अमेरिका ने 15 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता को मंजूरी दी है। इसके साथ ही वर्जीनिया, लॉस एंजिल्स और फेयरफैक्स से 250 से अधिक आपदा विशेषज्ञों और 3 विशेष अर्बन सर्च-एंड-रेस्क्यू (USAR) यूनिट्स को खोजी कुत्तों के साथ भेजा गया है। अमेरिकी सेना ने दो युद्धपोत और हेलीकॉप्टर भी तैनात किए हैं। राहत कार्यों को आसान बनाने के लिए अमेरिका ने वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में 23 अक्टूबर तक ढील दी है।
फ्रांस (85 विशेषज्ञ), स्विट्जरलैंड (80 बचावकर्मी, 8 खोजी कुत्ते, 18 टन उपकरण), स्पेन, कोलंबिया, मैक्सिको, एल साल्वाडोर और ब्रिटेन की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ ग्राउंड जीरो पर तैनात हैं। चीन और ब्राजील ने भी बड़े पैमाने पर मदद की घोषणा की है। वेटिकन के पोप लियो XIV ने प्रारंभिक सहायता के तौर पर 1 लाख यूरो भेजे हैं।
राजधानी काराकास और उसके उपनगरों में दहशत का माहौल है। पिछले 24 घंटों में 4.4 और 4.7 तीव्रता के कुछ हल्के झटके (आफ्टरशॉक्स) दर्ज किए गए हैं, जो कि 24 जून को आए मुख्य विनाशकारी भूकंप के बाद का सामान्य भू-गर्भीय प्रभाव है। तबाही मचाने वाले वे दो मुख्य महा-भूकंप (7.2 और 7.5 तीव्रता) बुधवार, 24 जून 2026 की शाम को आए थे, जिन्हें अब 48 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। फिलहाल जमीन के नीचे की हलचल धीरे-धीरे शांत हो रही है, लेकिन प्रशासन ने अभी भी लोगों को एहतियात बरतने और जर्जर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।
लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) के डर से लाखों लोगों ने अपने घरों में लौटने से इनकार कर दिया है। लोग रातें पार्कों, खेल के मैदानों और खुले पार्किंग लॉट्स में बिता रहे हैं। फोन नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं ठप होने के कारण विदेशों में रहने वाले वेनेजुएलाई नागरिक अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। सड़कों पर अपनों की तस्वीरें लेकर घूमते बेबस लोग और मलबे से उठते धूल के गुबार इस समय वेनेजुएला की सबसे दर्दनाक हकीकत हैं।
गौरतलब है कि 24 जून की शाम करीब साढ़े बजे महज एक मिनट के भीतर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के जुड़वां भूकंपों (Doublet Earthquakes) ने राजधानी काराकास और तटीय राज्य ला गुएरा (La Guaira) को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। यह वेनेजुएला के पिछले 126 सालों के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा है।