25 Jun 2026
नई दिल्ली, 25 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सतत शहरी विकास और समुदाय आधारित पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गोल्फ लिंक कॉलोनी को ‘अनुपम कॉलोनी’ का दर्जा प्रदान किया है। एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा ने गुरुवार को कॉलोनी में स्थापित प्रमाणन शिलापट्ट का अनावरण कर इस सम्मान की औपचारिक घोषणा की।
इस अवसर पर केशव चंद्रा ने कहा कि गोल्फ लिंक कॉलोनी को एनडीएमसी की नौवीं ‘अनुपम कॉलोनी’ के रूप में मान्यता देते हुए परिषद को गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत जीवनशैली के प्रति स्थानीय निवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि कॉलोनी ने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण की प्रभावी व्यवस्था अपनाई है। रीसाइक्लिंग योग्य कचरे को निर्धारित केंद्रों तक भेजा जा रहा है, जबकि गीले कचरे को खाद में परिवर्तित कर कॉलोनी की बागवानी में उपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, गोल्फ लिंक का मॉडल अन्य आवासीय क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
गोल्फ लिंक एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय माथुर ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ‘अनुपम कॉलोनी’ प्रमाणन प्राप्त करना पूरे समुदाय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में निवासियों द्वारा किए गए सामूहिक प्रयासों की पहचान है।
वहीं, एसोसिएशन की संयुक्त सचिव नम्रता खन्ना ने बताया कि कॉलोनी में ‘रिड्यूस, रीयूज़ और रीसाइकिल’ के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक स्तर पर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। गैर-सरकारी संस्था ‘चिंतन’ तथा इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के सहयोग से कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान को सुनिश्चित किया जा रहा है।
समारोह में एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय निवासियों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि ‘अनुपम कॉलोनी’ पहल एनडीएमसी के व्यापक सतत विकास एजेंडा का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक, स्वच्छ और आत्मनिर्भर समुदायों में विकसित करना है। गोल्फ लिंक के शामिल होने के साथ ही एनडीएमसी द्वारा प्रमाणित ‘अनुपम कॉलोनियों’ की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।