30 Jun 2026
नई दिल्ली, 30 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने की योजना अभी भी प्रयोग के तौर पर चलाई जा रही है। केंद्र सरकार ने इस बात की सूचना उच्चतम न्यायालय को दी। केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच से कहा है कि इस नीति का असर अगले साल तक और साफ हो जाएगा। भारत पेट्रोल कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जो 2025-26 आपूर्ति वर्ष के लिए इथेनॉल आवंटन से जुड़ा था। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 23 जून को तेल विपणन कंपनियों बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसी को निर्देश दिया था कि वो टेंडर प्रक्रिया पूरा होने से पहले एक डिस्टिलरी के उस आग्रह पर विचार करें, जिसमें उसने अपना इथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग की थी। बीपीसीएल की याचिका में कहा गया है कि इस आदेश से सरकार के पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने के टारगेट पर व्यापक असर पड़ सकता है। सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल ने कहा कि इथेनॉल आवंटन की प्रक्रिया अक्टूबर, 2025 में ही पूरी हो चुकी थी और सप्लाई के कांट्रैक्ट भी पूरे हो चुके थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आवंटनों को फिर से खोलने से पूरे देश में चल रहे इस प्रोग्राम में बाधा आ सकती है। अगर एक सप्लायर के आवंटन में बदलाव की इजाजत दी जाती है तो दूसरे सप्लायर भी ऐसी ही मांग कर सकते हैं। ऐसी कई याचिकाएं अलग-अलग उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। अटार्नी जनरल ने याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय ट्रांसफर करने की मांग की। इस आदेश का असर राष्ट्रीय नीति पर पड़ेगा। सरकार 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ प्रयोग कर रही है और इसके नतीजे अगले साल तक मिल जाएंगे।