13 Jul 2026
नई दिल्ली, 13 जुलाई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय धार स्थित भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर कल यानि 14 जुलाई को सुनवाई करेगा।
सोमवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वकील हुफैजा अहमदी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए कहा कि इस मामले से जुड़ी दूसरी याचिकाओं को 14 जुलाई के लिए लिस्ट किया गया है लेकिन मुस्लिम पक्ष की याचिका लिस्ट में नहीं दर्शा रही है। उसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को भी 14 जुलाई को लिस्ट करने का आदेश दिया।
इस मामले में हिन्दू पक्षकार जीतेंद्र सिंह विसेन ने उच्चतम न्यायालय में केवियट दाखिल की है। विसेन ने कहा है कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ कोई याचिका दायर होने की स्थिति में बिना उनका पक्ष सुने कोई भी आदेश जारी नहीं किया जाए।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि भोजशाला स्थित विवादित स्थान मंदिर है, जो देवी सरस्वती से जुड़ा हुआ है। उच्च न्यायालय ने 7 अप्रैल, 2003 के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मुस्लिमों को भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी। इस मामले में हिंदू संगठनों के मुताबिक धार स्थित कमाल मौलाना मस्जिद दरअसल मां सरस्वती मंदिर भोजशाला है, जिसे सन् 1034 में राजा भोज ने संस्कृत की पढ़ाई के लिए बनवाया था।