02 Jul 2026
नई दिल्ली, 02 जुलाई (एजेंसी)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार काे महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में आरोपित और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने 3 अगस्त को फैसला सुनाने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता महिला पहलवानों की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलीलें रखी। इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर की ओर से वकील राजीव मोहन ने दलीलें रखी। कोर्ट ने 10 मई, 2024 को छह में से पांच महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था, जबकि एक महिला पहलवान के आरोपों के मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया था। कोर्ट ने पांच महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए और 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इस मामले के सह आरोपी और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। बृजभूषण शरण सिंह की ओर से याचिका दाखिल कर कहा गया था कि 7 सितंबर, 2022 को घटना वाले दिन वह भारत में नहीं था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 26 अप्रैल, 2024 को बृजभूषण शरण सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें बृजभूषण ने इस मामले की फिर से जांच की मांग की थी। बृजभूषण ने इस तथ्य की दिल्ली पुलिस से जांच करने का आदेश देने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने 20 जुलाई, 2023 को बृजभूषण शरण सिंह और सह आरोपी विनोद तोमर को जमानत दी थी। बता दें कि 7 जुलाई 2023 को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354डी, 354ए और 506 (1) के तहत आरोप लगाए गए हैं।