28 Jul 2026
नई दिल्ली, 28 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली के तीसहजारी कोर्ट ने इहबास अस्पताल को निर्देश दिया है कि वो दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक के आरोपित सरबजीत सिंह की मानसिक स्थिति का आकलन कर ये बताए कि क्या वो कोर्ट में अपना बचाव करने की स्थिति में है कि नहीं। एडिशनल सेशंस जज अंकुर जैन ने ये आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
सरबजीत सिंह ने नियमित जमानत याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान सरबजीत की ओर से पेश वकील अंशुल शुक्ला ने कहा कि मेंटल हेल्थ केयर एक्ट के तहत याचिका दायर की गई है। जांच अधिकारी ने सरबजीत के मेडिकल डॉक्यूमेंट को वेरिफाइ कर लिया है। शुक्ला ने कहा कि सरबजीत बाइपोलर डिसॉर्डर से पीड़ित है। उन्होंने कहा कि सरबजीत की मानसिक स्थिति के आकलन के लिए मेडिकल बोर्ड गठित की जा सकती है। शुक्ला की इस दलील का दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील अतुल श्रीवास्तव ने कोई विरोध नहीं किया। उसके बाद कोर्ट ने इहबास अस्पताल को मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वो जरुरत पड़ने पर सरबजीत को इहबास अस्पताल के डॉक्टर के समक्ष पेश करें।
15 अप्रैल को सुनवाई के दौरान सरबजीत की ओर से पेश वकील ने हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा था कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। तब कोर्ट ने कहा था कि सरबजीत को इहबास मानसिक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती भी कराया गया था।
सुनवाई के दौरान सरबजीत की ओर से पेश वकील ने कहा था कि सरबजीत 14-15 दिन पहले बिना किसी को बताये अचानक अपनी बहन से मिलने चंडीगढ़ के लिए निकला था। चंडीगढ़ में वो एक गुरुद्वारे में भी गया। जब उसे पता चला कि उसका भतीजा गुम हो गया है तो वो दिल्ली लौट आया। सरबजीत के वकील ने कहा कि वो विधानसभा को गुरुद्वारा समझ बैठा और उसमें गलती से घुस गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि सरबजीत खुद कार चलाकर पीलीभीत से चंडीगढ़ गया और वहां से दिल्ली आया।
दिल्ली पुलिस ने सरबजीत सिंह को 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। सरबजीत दिल्ली विधानसभा में 6 अप्रैल को नकाब पहनकर वीआईपी गेट नंबर 2 से बैरिकेडिंग तोड़ते हुए घुस गया था। अंदर पहुंच वो सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के दफ्तर पहुंचा और पोर्च में गुलदस्ता रखकर फरार हो गया। बाद में दिल्ली पुलिस ने सरबजीत के साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया।