30 Jul 2026
नई दिल्ली, 30 जुलाई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने धार के भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को अस्थायी तौर पर जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दे दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जरूरी इंतजाम किए जाएं।
उच्चतम न्यायालय ने खसरा नंबर 596 की जमीन को मुस्लिम समुदाय के नमाज के लिए चुनी है। ये जमीन भोजशाला से सटी हुई दरगाह की जमीन बतायी गई है।
मुस्लिम पक्ष ने याचिका दायर कर मांग की थी कि उसे नमाज पढ़ने के लिए भोजशाला से सटी जगह आवंटित की जाए। याचिका में कहा गया था कि जिला प्रशासन ने फिलहाल जिस जमीन की व्यवस्था की है वो उच्चतम न्यायालय के निर्देशों से विपरीत विवादित धार्मिक स्मारक से लगभग एक किलोमीटर दूर है। जिसकी वजह से नमाजियों को शुक्रवार की नमाज वहां जाकर पढ़नी पड़ती है।
उच्चतम न्यायालय ने 14 जुलाई को कहा था कि भोजशाला परिसर के अंदर मुस्लिम समुदाय को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं होगी। उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। मुस्लिम पक्ष चाहता था कि उच्च न्यायालय के आदेश से पहले की स्थिति बहाल कर दी जाए, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने सरकार से कहा है कि भोजशाला परिसर के नजदीक एक जगह हर शुक्रवार को नमाज पढ़ने के लिए जगह दी जाए। नमाज हर शुक्रवार 1 बजे से 3 बजे के बीच होगी।