21 Jun 2026
लखनऊ, 21 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को प्रदेश भर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति समेत सरकार के सभी मंत्रियों ने अलग अलग जनपदों में योग के कार्यक्रमों हिस्सा लिया। राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल जनभवन में योगाभ्यास किया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी किला मैदान झांसी में योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झांसी में आयुष विभाग की ओर से प्रकाशित की पत्रिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को योग दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज विश्व के 200 देश योग के माध्यम से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हम फिर से अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य संगम नोज त्रिवेणी, प्रयागराज में आमजन के साथ सुबह 7 बजे योगाभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द रेजिडेंसी पार्क लखनऊ और मैक्स हस्पिटल में योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।रेजीडेंसी पार्क लखनऊ में योगाभ्यास के बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है"योग हमारी भारतीय प्राचीन परंपरा का अभिन्न अंग है, योग तन व मन के बीच सामंजस्य स्थापित करने का ऐसा शाश्वत साधन है, जिसके नियमित अभ्यास से मनुष्य में एक नई आत्म चेतना जाग्रत होती है। इस अवसर पर सदस्य, विधान परिषद उमेश द्विवेदी जी, जिलाधिकारी, लखनऊ विशाख एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने लखनऊ के राजाजीपुरम में बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया।इस अवसर पर धर्मपाल सिंह ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन दर्शन का अमूल्य उपहार है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का कार्य करता है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप योग को वैश्विक पहचान मिली और आज यह भारत की सांस्कृतिक विरासत के रूप में विश्व के कोने-कोने तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का आधार है, बल्कि एक सशक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। हम सभी नियमित योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ भारत और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें।