13 Jul 2026
वॉशिंगटन/तेहरान, 13 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) ने रविवार देर रात हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जो सभी वैध जहाजों के लिए खुला है और यहां से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि "ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित नहीं करता" और अमेरिकी सैन्य बल नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैनात और तैयार हैं।
USCENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिकी नौसैनिक और अन्य सैन्य बल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। बयान में ईरान पर "अनुचित आक्रामकता, जहाजों को परेशान करने, धमकी देने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर मनमाने दावे करने" का आरोप लगाया गया। अमेरिका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर एकाधिकार का अधिकार नहीं है और वैश्विक व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब बीती रात खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान की ओर से एक बार फिर यह दावा किया गया कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है और क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने कहा कि उसके सैन्य अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।
हालांकि अमेरिका का दावा है कि सभी वैध वाणिज्यिक जहाज सामान्य रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं और समुद्री यातायात बाधित नहीं हुआ है। इसके बावजूद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण जहाजरानी कंपनियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं और कई देशों ने अपने व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षा सलाह भी जारी की है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव न केवल पश्चिम एशिया, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि अमेरिका के ताजा बयान को वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।