12 Jul 2026
अहमदाबाद, 12 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा उपचुनाव के लिए वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट (145) से भीखाभाई एम. रबारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने आगामी उपचुनाव को देखते हुए उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें मांजलपुर सीट से रबारी के नाम पर मुहर लगाई गई।
भीखाभाई रबारी वडोदरा शहर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय हैं। उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं तथा बूथ स्तर से लेकर शहर स्तर तक पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्य किया है। वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने उन्हें वडोदरा शहर कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। संगठनात्मक अनुभव और स्थानीय स्तर पर सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने इस बार उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।
मांजलपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं लगातार आठ बार विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई है, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। कांग्रेस इस सीट पर संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भीखाभाई रबारी की उम्मीदवारी के जरिए कांग्रेस ने स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं में सक्रिय रहे चेहरे पर भरोसा जताया है। अब उनकी सीधी टक्कर भाजपा के उम्मीदवार से होगी। उपचुनाव के दौरान विकास, शहरी सुविधाएं, पेयजल, सड़क, यातायात और नागरिक सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दों के चुनाव प्रचार में प्रमुख रहने की संभावना है।
कांग्रेस को उम्मीद है कि भीखाभाई रबारी के संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्र में सक्रिय जनसंपर्क का लाभ चुनाव में मिलेगा। वहीं, भाजपा अपने पारंपरिक गढ़ को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है, जिससे मांजलपुर का उपचुनाव राज्य की प्रमुख राजनीतिक प्रतिस्पर्धाओं में शामिल होने की संभावना है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आधिकारिक पत्र जारी कर बताया कि यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अनुमोदन पर लिया गया है। पार्टी ने कहा कि भीखाभाई रबारी लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता के रूप में काम कर रहे हैं। वडोदरा क्षेत्र में पार्टी की जड़ों को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। वह कई वर्षों से स्थानीय स्तर पर किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं।