25 Jun 2026
अयोध्या|लखनऊ, 25 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी (गबन) के मामले में आखिरकार पहली कानूनी कार्रवाई हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में 8 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कदम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत पर उठाया गया है।
प्रमुख बातेंः
-एफआईआर की तारीख: 25 जून 2026
-किसकी शिकायत पर: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
-नामजद आरोपी: 8 लोग (अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय, टिन्नू यादव उर्फ रामशंकर यादव और मनीष यादव)।
-इनमें टिन्नू यादव उर्फ रामशंकर यादव, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
-कानूनी धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज।
-आधार: एसआईटी (SIT) की 7 दिनों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट।
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद एक्शनः
अयोध्या राम मंदिर में दान राशि और कीमती सामानों के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप सामने आने के बाद, मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई वाली एसआईटी ने बीते मंगलवार (23 जून) को अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
सूत्रों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच में दान पेटी के रखरखाव, गिनती और हैंडलिंग में गंभीर लापरवाही और कथित हेराफेरी के सबूत मिले हैं। जांच के दौरान कुछ सेवादारों के पास से दान पेटियों की चाबियां भी बरामद होने की बात सामने आई है।
काउंटिंग रूम की व्यवस्था में बड़ा बदलावः
दान गबन के आरोप सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने कैश काउंटिंग रूम (नकद गणना कक्ष) की सुरक्षा और नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। पुरानी काउंटिंग टीम और बैंकों के कर्मचारियों को हटाकर नई टीम तैनात की गई है। अब काउंटिंग रूम में प्रवेश के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है, जिसके तहत कोई भी कर्मचारी बिना जेब (no pockets) वाले कपड़े पहनकर ही अंदर जा सकेगा।
सियासी पारा चढ़ा, विपक्ष के तीखे हमलेः
इस एफआईआर के दर्ज होते ही उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी: सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और स्थानीय विधायकों ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि आस्था के सबसे बड़े केंद्र में इस स्तर का भ्रष्टाचार बेहद शर्मनाक है। विपक्ष ने इस मामले में लगातार अदालती निगरानी (Court-monitored probe) और रोज़ाना जांच की ब्रीफिंग की मांग की है।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी दोषी हो, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि राम भक्तों की आस्था को ठेस न पहुंचे।
एसआईटी फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अगले 10 से 15 दिनों में अपनी अंतिम (Final) रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है, जिसके बाद कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।