21 Jun 2026
चेन्नई, 21 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज़)। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पेरियापालयम के पास कन्नियागैपेयर में स्थित एक निजी सीफूड एक्सपोर्ट कंपनी (सेंट पीटर पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) में अमोनिया गैस का भीषण रिसाव होने से कम से कम 7 महिला श्रमिकों समेत 10 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 70 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा झींगा प्रोसेसिंग प्लांट (Shrimp Processing Plant) में हुआ, जहां खाद्य संरक्षण के लिए अमोनिया गैस का उपयोग कूलिंग एजेंट के रूप में किया जा रहा था। रविवार को फैक्ट्री में छुट्टी का दिन था, लेकिन परिसर में ही बने हॉस्टल में असम, ओडिशा और झारखंड के लगभग 134 प्रवासी मजदूर रुके हुए थे, जिनमें 74 महिलाएं शामिल थीं।
अचानक गैस पाइपलाइन के वॉल्व में खराबी के कारण अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया और वह पूरे परिसर में फैल गई। गैस की चपेट में आते ही कर्मचारियों को सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी और कुछ के मुंह व नाक से खून भी आने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही पेरियापालयम पुलिस, दमकल विभाग, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। जिला प्रशासन की मांग पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 30 सदस्यीय विशेष केमिकल, बायोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) टीम को अराकोनम से बुलाया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एनडीआरएफ की टीम ने गैस रिसाव को नियंत्रित किया।
प्रभावितों में से कई महिलाओं की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। 23 मरीजों को आईसीयू में रखा गया है, जबकि गंभीर रूप से बीमार 9 महिलाओं को चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किया गया है।
जिला कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि 46 मरीजों को वेल्स हॉस्पिटल और 21 मरीजों को वेंकटेश्वरा हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। इनमें से नौ गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए एम्बुलेंस के जरिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। बेहोश हुए कुछ लोगों के मुंह और नाक से खून भी बह रहा था। अस्पताल में उपचार के दौरान 2 श्रमिकों सहित कुल 3 लोगों की मौत हो गई। वर्तमान में कुछ लोग चेन्नई के स्टेनली अस्पताल में भी उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और सार्वजनिक स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक को मिलाकर एक तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसे 24 घंटे के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जो भी इस लापरवाही का जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।