17 Jul 2026
कोलकाता/मुर्शिदाबाद, 17 जुलाई (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह स्कूल वैन की लोकल ट्रेन से टक्कर में तीन स्कूली बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे और वैन चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। रेलवे ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में गेटमैन और उसके सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया । कुछ ही देर बाद बहारामपुर थाना पुलिस ने गेटमैन को गिरफ्तार भी कर लिया। रेलवे ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार भी प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता देगी।
यह हादसा सुबह करीब सात बजे आजीमगंज-कटवा रेलखंड पर कर्णसुबर्ण स्टेशन और गोविंदपुर रेलवे फाटक के बीच हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डाउन लाइन पर निमतिता-कटवा लोकल ट्रेन आ रही थी। इससे कुछ ही देर पहले अप लाइन से हावड़ा जाने वाली नवद्वीप एक्सप्रेस गुजर चुकी थी। आरोप है कि उसके गुजरने के बाद भी रेलवे फाटक बंद नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, फाटक खुला देखकर एक स्कूल वैन रेलवे लाइन पार कर रही थी। तभी तेज रफ्तार से आई निमतिता-कटवा लोकल ने वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे में तीन स्कूली बच्चों और एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और रेलवे के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल तीन बच्चों और वैन चालक को बचाव दल ने निकालकर मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि गेटमैन कथित रूप से नशे की हालत में था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और रेलवे प्रशासन ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। रेलवे की जांच टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी की लापरवाही थी या नहीं।
फिलहाल, रेल हादसे के बाद पूर्व रेलवे ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में गेटमैन और उसके सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया । कुछ ही देर बाद बहारामपुर थाना पुलिस ने गेटमैन को गिरफ्तार भी कर लिया। पूर्व रेलवे ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार भी प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता देगी।
हादसे की जांच के लिए पूर्व रेलवे ने अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) के नेतृत्व में 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति को घटनास्थल पर भेजा है। समिति दुर्घटना के कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच करेगी। पूर्व रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेलवे इस मामले में शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही घायलों के उपचार के लिए रेलवे की मेडिकल टीम भी तैनात की गई है।