06 Jul 2026
नई दिल्ली, 06 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) को निर्देश दिया है कि वो महिला पहलवान विनेश फोगाट को दिए गए कारण बताओ नोटिस पर दो हफ्ते में फैसला करे। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने विनेश फोगाट की याचिका का निस्तारण करते हुए ये निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान विनेश फोगाट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि इस मामले की व्यापक सुनवाई की जरुरत है। इसमें चयन प्रक्रिया का सवाल है। तब कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए आपको अलग से याचिका दाखिल करनी होगी। कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ को विनेश फोगाट को दिए गए कारण बताओ नोटिस पर दो हफ्ते में फैसला करने का निर्देश देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।
उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने 18 मई को विनेश फोगाट को कोई भी राहत देने से इनकार करते हुए फोगाट को निर्देश दिया था कि वो भारतीय कुश्ती संघ के कारण बताओ नोटिस का विस्तृत जवाब दें। सिंगल बेंच के फैसल को विनेश फोगाट ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। डिवीजन बेंच ने 23 मई को विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के लिए होने वाले ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी। डिवीजन बेंच के फैसले को भारतीय कुश्ती संघ ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्चतम न्यायालय ने भारतीय कुश्ती संघ की याचिका खारिज करते हुए विनेश फोगाट को ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे थी, जिसके बाद 30 मई को विनेश फोगाट ने ट्रायल में हिस्सा लिया था लेकिन वो असफल रही थीं।
भारतीय कुश्ती संघ ने 12 मई को फोगाट को अनुशासनहीनता, एंटी डोपिंग रुल्स का उल्लंघन करने और रिटायरमेंट के बाद स्पर्धा में वापसी के लिए जरुरी नियमों का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। भारतीय कुश्ती संघ ने कहा था कि वापसी से पहले छह महीने का नोटिस देना होता है जो फोगाट ने नहीं दिया। भारतीय कुश्ती संघ ने 2024 में फोगाट के ज्यादा वजन की ओर से अयोग्य करार देने का मामला उठाते हुए कहा था कि इससे देश की फजीहत हुई।