31 Jul 2026
बेंगलुरु, 31 जुलाई (एजेंसी)। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता योगेश गौड़ा हत्याकांड में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विनय कुलकर्णी को शुक्रवार को जमानत दे दी। अदालत ने उन्हें सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए विशेष जनप्रतिनिधि न्यायालय के दोषसिद्धि संबंधी निर्णय के प्रभाव पर भी अंतरिम रोक लगा दी।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज और न्यायमूर्ति जी. बसवराज की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। विनय कुलकर्णी के साथ मामले के अन्य 10 दोषियों को भी जमानत प्रदान की गई।
उच्च न्यायालय ने जमानत की शर्तों के तहत विनय कुलकर्णी को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका एवं जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़ने पर भी रोक लगाई है।
गौरतलब है कि धारवाड़ में 15 जून 2016 को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। जांच के बाद बेंगलुरु की विशेष जनप्रतिनिधि अदालत ने 17 अप्रैल 2026 को विनय कुलकर्णी को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने साक्ष्य नष्ट करने के मामले में सात वर्ष के कारावास, 30 हजार रुपये के जुर्माने तथा पीड़ित परिवार को 16 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।
अब उच्च न्यायालय ने सजा पर अंतरिम रोक लगाते हुए विनय कुलकर्णी को जमानत दे दी है।