15 Jul 2026
नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को अपशब्द कहने वाले दो लॉ छात्रों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रवि ने दोनों को 29 जुलाई तक की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।दोनों आरोपितों की पुलिस हिरासत बुधवार को खत्म हो रही थी, जिसके बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने जिन आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, उनमें प्रबल प्रताप सिंह और चंद्रभान हैं। प्रबल प्रताप लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ तृतीय वर्ष और चंद्रभान लॉ द्वितीय वर्ष के छात्र हैं।दिल्ली पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में उच्चतम न्यायालय के सिक्योरिटी स्टाफ ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में 10 जुलाई के न्यायाधीश केवी विश्वनाथन और न्यायाधीश आलोक अराधे की बेंच के समक्ष हुई घटना का जिक्र किया गया था।
10 जुलाई को उच्चतम न्यायालय में संबंधित मामले की सुनवाई शुरु हुई तो न्यायालय ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आप खुद ही पैरवी करेंगे। इस पर प्रबल ने अंग्रेजी में कहा कि न्यायिक अधिकारी महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि आप लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें। इस पर न्यायाधीश केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताते हुए पूछा कि आप मुझे आदेश दे रहे हैं। जवाब में प्रबल प्रताप ने कहा कि मेरी तरफ से बस इतना ही। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। इसके बाद उसने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को अपशब्द कहते हुए केस की फाइल न्यायाधीशों की तरफ हवा में फेंक दी। उसके बाद सिक्योरिटी स्टाफ ने प्रबल प्रताप को पकड़कर कोर्ट रूम से बाहर निकाला।