04 Aug 2026
रांची, 04 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। झारखंड उच्च न्यायालय ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में अंक संबंधी विसंगति को लेकर दायर लक्ष्य सिंह की याचिका का निस्तारण कर दिया। न्यायालय के निर्देश पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने संबंधित अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से याचिका वापस लेने का आग्रह किए जाने पर अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने एनटीए से पूछा था कि यदि अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह की वेबसाइट पर अपलोड की गई ओएमआर शीट के आधार पर 660 अंक बन रहे हैं, तो घोषित परिणाम में उसे केवल 116 अंक कैसे मिले। इसके बाद अदालत ने एनटीए को संबंधित अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। साथ ही टेस्ट बुकलेट (सीरियल नंबर-265208914) और रोल नंबर-2603107066 से संबंधित मूल रिकॉर्ड भी पेश करने को कहा था।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि एनटीए की वेबसाइट पर उपलब्ध ओएमआर शीट का स्कैन करने पर अभ्यर्थी के 720 में से 660 अंक बन रहे थे, जबकि जारी परिणाम में उसे केवल 116 अंक दिए गए। इसी आधार पर मूल ओएमआर शीट तलब करने का अनुरोध किया गया था, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उल्लेखनीय है कि लक्ष्य सिंह ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में कम अंक दिए जाने को चुनौती देते हुए झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हालांकि, एनटीए द्वारा मूल ओएमआर शीट प्रस्तुत किए जाने के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।