20 Jun 2026
रायसेन (म.प्र.), 20 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। केंद्र से मिलने वाले 6000 रुपये के साथ मध्य प्रदेश सरकार भी उतनी ही राशि जोड़कर राज्य के किसानों को हर साल 12,000 रुपये की सीधी सहायता दे रही है, ताकि खेती के जोखिम कम हों और परिवार को नियमित सहारा मिल सके। केन्द्रीय मंत्री चौहान शनिवार को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाड़ी में आयोजित जनकल्याण शिविर को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के देशव्यापी कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से 18,880 करोड़ रुपये सीधे 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ट्रांसफर कर देश के अन्नदाताओं को एक और बड़ा आर्थिक संबल दिया। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम से केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रायसेन के बाड़ी में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में किसानों, बहनों और युवाओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि बाड़ी का यह शिविर केवल भाषण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आए हर आवेदन पर कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ पहुंचाया जाएगा, ताकि ‘रामराज्य’ और सुशासन की अवधारणा जमीन पर दिखाई दे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं, चाहे वह किसान क्रेडिट कार्ड हो, फसल बीमा योजना हो या विभिन्न पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा और कोई भी योग्य हितग्राही वंचित नहीं रहेगा। इस मौके पर उन्होंने भोजपुर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 31 नई सड़कों की स्वीकृति की घोषणा की और कहा कि इन सड़कों के निर्माण से छोटे-छोटे गाँव, टोले और बस्तियाँ मुख्य सड़कों से जुड़ेंगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि सड़क समृद्धि की सहचरी है और इसी सोच के साथ केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से गांवदृगांव तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचा रहउन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रायसेन जिले में अब तक स्वीकृत 1.36 लाख से अधिक मकानों में से 1.08 लाख से ज्यादा मकान पूरे हो जाने की जानकारी देते हुए बताया कि हाल के सर्वे में चिन्हित 1.37 लाख कच्चे मकानों का भौतिक सत्यापन कर हर पात्र परिवार को पक्का मकान देने का अभियान तेज किया जाएगा। शिविर में मौजूद सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से उन्होंने अपील की कि वे गांव-गांव में बैठकों के माध्यम से नई ‘विकसित भारत जी-राम-जी योजना’ के तहत मिलने वाले 7500 करोड़ रुपये (9 माह के लिए, मध्य प्रदेश हिस्से) का उपयोग स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तय करें, ताकि सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं गांव की प्राथमिकता के अनुसार विकसित हो सकें।केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर में 75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का लक्ष्य है, जिससे ग्राम स्तर पर विकास के लगभग सभी लंबित कार्य पूरे करने का रोडमैप तैयार हो चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि सरपंचों की विस्तृत कार्यशाला आयोजित कर उन्हें उन कार्यों की पूरी सूची और प्रक्रियाएं समझाई जाएं, जिन्हें ग्राम सभा स्वयं तय कर सकती है, ताकि योजना की शुरुआत के पहले दिन से ही गांवों में काम तेज गति से शुरू हो सके। उन्होंने मंच से घोषणा की कि मप्र सरकार ने केंद्र से मूंग खरीदी की अनुमति मांगी थी, बाड़ी की धरती से ही मूंग खरीदी की औपचारिक स्वीकृति दी जा रही है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल सकेगा। उन्होंने मूंग को प्रदेश की तीसरी फसल बताते हुए कहा कि इसी ने कई किसानों की आर्थिक स्थिति बदली है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार का संकल्प है कि किसानों के पसीने की हर बूंद की पूरी कीमत दी जाए और एमएसपी पर पारदर्शी खरीद सुनिश्चित हो। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड अभियान को तेज करने और फसल बीमा योजना में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की अपील की, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और बाजार के उतार चढ़ाव से होने वाले नुकसान से किसानों की आय सुरक्षित रह सके। उन्होंने मौसम वैज्ञानिकों के अनुमानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार अलनीनो प्रभाव के कारण कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका है, इसलिए राज्यवार कंटिजेंसी प्लान तैयार कर किसानों को फसल चयन, बीज, नमी संरक्षण और जल प्रबंधन की वैज्ञानिक सलाह दी जाएगी, ताकि कम वर्षा की स्थिति में भी उत्पादन और आय पर न्यूनतम असर पड़ेउन्होंने आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हर बहन को ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प दोहराया और बताया कि समूहों में न जुड़ी सभी गरीब बहनों को जोड़कर उनकी ट्रेनिंग, बैंक लिंकिंग, लोन और मार्केटिंग की समन्वित व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनकी सालाना आमदनी कम से कम 1 लाख रु. तक पहुंच सके। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए विदिशा में प्रारंभ की गई ‘मामा कोचिंग क्लास’ को रायसेन में भी शुरू करने और आगे चलकर ‘कैरियर काउंसलिंग सेंटर’ शुरू करने की घोषणा की, ताकि सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी के साथद-साथ स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और निजी सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप स्किल्ड मैनपावर तैयार की जा सके।उन्होंने प्रधानमंत्री की एक देश-एक चुनाव की अवधारणा का समर्थन करते हुए लोगों से अपील की कि वे बार-बार के चुनावी खर्च व प्रशासनिक बाधाओं से मुक्त होकर विकास-केन्द्रित राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए इस महत्त्वपूर्ण सुधार के साथ खड़े हों। साथ ही उन्होंने किसानों, बहनों और युवाओं को नशामुक्त समाज और बेटियों का सम्मान करने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री ने बाड़ी में 785.02 लाख रुपये लागत से निर्मित संयुक्त तहसील कार्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही अनेक विकास और निर्माण कार्यो की सौगात भी दी गई। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम में सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किए गए।