07 Jul 2026
नई दिल्ली, 07 जुलाई (एजेंसी)। दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का 'एक्स' अकाउंट बहाल करने का आदेश दिया है। मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार को कॉकरोच जनता पार्टी का 'एक्स' अकाउंट बहाल करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो ने राष्ट्रीय सुरक्षा की वजह से 'एक्स' अकाउंट ब्लॉक करने की सिफारिश की थी। उसके बाद इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 'एक्स' को कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी का 'एक्स' अकाउंट इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट के आधार पर ब्लॉक किया गया था। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'एक्स' अकाउंट ब्लॉक करने के फैसले को चुनौती की थी। इस पर कोर्ट ने 29 मई को केंद्र और 'एक्स' को नोटिस जारी किया था।
दरअसल, 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसे कई बेरोजगार युवा जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई ठिकाना तो वे आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया, आरटीआई एक्टिविस्ट या अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और पूरे सिस्टम पर हमला करने लग जाते हैं। कोर्ट ने कहा था कि कुछ वकीलों खासकर दिल्ली में लॉ डिग्रियों की प्रामाणिकता की सीबीआई जांच की जरुरत है। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले पर सफाई भी दी। सफाई में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को किस तरह गलत तरीके से पेश किया है। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और नकली डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और इसलिए, वे परजीवी की तरह हैं।
मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के रुप में ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया गया था। इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर देखते ही देखते काफी लोकप्रियता मिली। इसी के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया गया, जो अभी भी चल रहा है।