20 Jun 2026
धर्मशाला, 20 जून (एजेंसी)। योगासन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 वर्षीय यशोवर्धन अत्री ने देश विदेश में हिमाचल का नाम रोशन किया है। यशोवर्धन ने पिछले लगभग 9 वर्ष से योगासन में निरंतर अभ्यास व प्रयास से जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पदक जीते हैं। वार्ड नंबर एक, हमीरपुर के निवासी व हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकास नगर के 12वीं कक्षा के छात्र यशोवर्धन अत्री ने स्कूली गेम्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसजीएफआई), भारत योगासन व वाईएफआई के हर मंच पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ योगासन खिलाड़ियों में अपनी श्रेष्ठता दर्ज की है। जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विभिन्न आयु वर्गों में पदक जीतकर हिमाचल प्रदेश को भारत का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना लक्ष्य यशोवर्धन अत्री ने बताया कि वे अपने प्रशिक्षकों की देखरेख में प्रतिदिन 3 से 4 घंटे योगासन का अभ्यास करते हैं व आने वाले समय में एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना उनका लक्ष्य है। खेल सत्र 2025–26 में यशोवर्धन ने स्टेट स्कूल गेम्स (14–19 आयु वर्ग) में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा भारत योगासन संबद्ध स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई। यही नही वाईएफआई संबद्ध राज्य चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल कर एक ही सत्र में स्वर्ण पदकों का ‘पंच’ पूरा किया। राष्ट्रीय स्तर पर कोलकाता में आयोजित एसजेएफआई गेम्स अंडर-19 व विजयवाड़ा में आयोजित छठी जूनियर नेशनल योगासन प्रतियोगिता में अंडर 18 पुरुष वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ चार में अपना स्थान बना कर, अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया। वाईएफआई की 50वीं नेशनल चैंपियनशिप में भी उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सिंगापुर में भारतीय टीम को दिलाया कांस्य पदक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2025 में सिंगापुर में आयोजित 10वीं एशियाई योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में योगा फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की ओर से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। यशोवर्धन अत्री आज प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रहे हैं और योगासन के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उनके पिता नरेंद्र अत्री भी प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में खेलों के विकास में योगदान दे रहे हैं।