06 Aug 2026
-प्रतापगढ़ पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज रेंज, घटना स्थल का लिया जायजा
प्रतापगढ़, 06 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण सौ साल पुराना जर्जर मकान गिरने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए शोक व्यक्त किया है। पीड़ित परिवार को शासन स्तर से हरसंभव आर्थिक सहायता और राहत प्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जनपद प्रतापगढ़ में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतक के परिजनों को 26.20 लाख रुपए रूपए और अन्य सुविधाएं दिए जाने का निर्देश जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय को दिया है।
अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन ज्योति नारायण एवं पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज रेंज अजय कुमार मिश्रा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने बताया कि, यह घर प्रमोद श्रीवास्तव का था। दूसरी मंजिल पर बने एक कमरे की छत पुरानी निर्माण तकनीक से बनी थी। शुरुआती जांच से पता चलता है कि इसी पुराने तरीके से बनी छत ढह गई। जब यह हादसा हुआ, तो परिवार के सभी सात सदस्य उसी कमरे में सो रहे थे, जिसमें एयर-कंडीशनर लगा हुआ था। कमरे में सो रहे सात लोगों में से छह की मौत हो गई। अमन बच गया और अभी डॉक्टरों की देखरेख में है। यह बहुत दुखद है कि एक ही घटना में लगभग पूरा परिवार खत्म हो गया। हमें परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहने और हरसंभव मदद देने के निर्देश मिले हैं। अमन से बात की है और उसे भरोसा दिलाया है कि सरकार की तरफ से मिलने वाले सभी फायदे और राहत उपाय 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
हादसे में घायल अमन श्रीवास्तव ने बताया कि जब मेरी नींद खुली, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं मलबे के नीचे दबा हुआ हूं। मैं किसी तरह निकलने में कामयाब रहा और देखा कि परिवार के सभी सदस्य फंसे हुए थे। मैंने पहले खुद उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका, इसलिए मदद के लिए चिल्लाने लगा। परिवार के सदस्य, पड़ोसी और अन्य लोग मौके पर जमा हो गए। हम सभी सात लोग एक ही कमरे में सो रहे थे। मेरे माता-पिता, मेरा छोटा भाई, मेरी पत्नी और हमारे दो छोटे बच्चे अंदर थे। मुझे तो बचा लिया गया, लेकिन वे सभी मारे गए।