07 Aug 2026
कोलकाता, 07 अगस्त (एजेंसी)। तृणमूल कांग्रेस सांसद के करीबी सहयोगी सुमित राय ने एक बार फिर कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। एक दिन पहले ही उच्चतम न्यायालय ने शालबनी भूमि घोटाला मामले में उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। इसके बावजूद उन्होंने अन्य मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत से सुरक्षा की मांग की। हालांकि, हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की उनकी याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सुमित राय को शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। लेकिन शालबनी भूमि घोटाला मामले में अग्रिम जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। शीर्ष अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें राहत दी।
इस बीच जानकारी सामने आई है कि भूमि घोटाला और भर्ती भ्रष्टाचार के अलावा सुमित राय के खिलाफ चार अन्य प्राथमिकी भी दर्ज हैं। इन्हीं मामलों में संभावित गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उन्होंने एक बार फिर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की।
सुमित राय ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने यह कहते हुए याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया कि फिलहाल ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है, जिसके आधार पर मामले की तत्काल सुनवाई की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई निर्धारित सूची के अनुसार होगी।
शालबनी भूमि घोटाला मामले में उच्चतम न्यायालय ने सुमित राय की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक तो लगाई है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें भी निर्धारित की हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि सुमित राय जांच एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। पूछताछ के दौरान वह अपने साथ एक वकील ले जा सकते हैं। जांच एजेंसी उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच पूछताछ के लिए बुला सकेगी, लेकिन इस अवधि में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।