08 Aug 2026
कोलकाता, 08 अगस्त (एजेंसी)। लंबे समय से जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर चल रहे तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के सहायक सुमित राय आखिरकार शनिवार को सीआईडी के सामने पेश हुए। जमीन भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद सुमित शनिवार सुबह करीब दस बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी।
सुमित राय के खिलाफ जमीन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को लेकर शालबनी थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस इससे पहले अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास तक पहुंची थी। पुलिस ने सुमित की तलाश में आधी रात को अभिषेक के घर का ताला तोड़कर तलाशी भी ली थी। हालांकि, उस समय सुमित का कोई पता नहीं चल पाया था।
इसके बाद सुमित के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई शुरू हुई। गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए उन्होंने अदालत का रुख किया। नौकरी से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी थी। हालांकि, अदालत ने यह राहत जांच में सहयोग करने की शर्त पर दी थी। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सुमित को 10 दिनों के भीतर जांच एजेंसी के सामने पेश होना होगा।
वहीं, जमीन भ्रष्टाचार मामले में सुमित की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक सुमित की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी को सुमित से सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक पूछताछ करने की अनुमति दी है। शीर्ष अदालत से मिली इस राहत के बाद राज्य पुलिस की जांच शाखा ने शुक्रवार को सुमित के न्यू अलीपुर स्थित आवास पर जाकर उन्हें नोटिस दिया था। नोटिस में शनिवार सुबह 10 बजे तक भवानी भवन स्थित सीआईडी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था। सुमित ने इस निर्देश का पालन करते हुए शनिवार सुबह सीआईडी के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
हालांकि, सुमित राय के खिलाफ अभी दो और मामले लंबित हैं। इन दोनों मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की अपील भी की थी। लेकिन शुक्रवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई सूची के अनुसार ही होगी।
सुमित की तलाश इससे पहले विष्णुपुर थाने की पुलिस भी कर चुकी है। पुलिस एक बार उन्हें नोटिस देने के लिए उनके घर पहुंची थी। बाद में शालबनी और विष्णुपुर से जुड़े दोनों मामलों की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली। जांच के सिलसिले में सीआईडी के अधिकारी भी सुमित के घर पहुंचे थे, लेकिन उस समय भी उनकी मुलाकात सुमित से नहीं हो सकी थी।
अब सुमित के सीआईडी के सामने पेश होने के बाद जमीन भ्रष्टाचार मामले की जांच में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों को उनसे क्या जानकारी मिलती है और उनके बयान के आधार पर सीआईडी आगे क्या कदम उठाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।