08 Aug 2026
नई दिल्ली, 08 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य डॉ मेधा विश्राम कुलकर्णी ने आईडीबीआई बैंक के मॉडल पर आधारित आई-दोस्त योजना को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।
सांसद की ओर से शनिवार को जारी पत्र में नई राष्ट्रीय कल्याणकारी योजना (नेशनल आई-दोस्त बेनेवोलेंट स्कीम)के सुझाव का यह उद्देश्य है कि नौकरी के दौरान असमय मृत्यु का शिकार होने वाले कर्मचारियों के परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
उल्लेखनीय है कि बैंक ने 2021 में अपने कर्मचारियों के लिए एक पारस्पारिक सहायता और कल्याणकारी योजना 'आई-दोस्त' शुरू की है। सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके शोक-संतप्त परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करना। मृतक कर्मचारी के परिवार को अन्य सभी लाभों के अलावा आठ लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाती है।
यह एक स्व-योगदान योजना है, जिसमें बैंक के सभी कर्मचारियों के मासिक वेतन से श्रेणीवार कटौती की जाती है। इसमें ग्रेड डी और उससे ऊपर के अधिकारियों से 100 रुपये, ग्रेड ए-सी अधिकारियों से 60 रुपये तथा श्रमिक या अनुबंध कर्मचारियों से 25 रुपये प्रति मृत्यु प्रति माह जमा कराए जाते हैं। वहीं अन्य कर्मचारियों को इस योजना से बाहर निकलने का विकल्प भी दिया जाता है।
प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में देश के संगठित और असंगठित क्षेत्रों के सभी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 'एन-आई दोस्त' योजना शुरू करने का अनुरोध किया गया है। इस योजना के तहत पीड़ित परिवारों को न्यूनतम 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रस्ताव है। बड़े संगठनों (जैसे रेलवे, सिविल सेवा या आईओसीएल) में कर्मचारियों की क्षमता के अनुसार सहायता राशि 40 लाख से एक करोड़ रुपये तक तय की जा सकती है। इस कल्याण कोष में कर्मचारी, नियोक्ता और सरकार मिलकर योगदान करेंगे। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकारी योगदान को अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) जैसी मौजूदा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करेगी। इससे करोड़ों कामकाजी परिवारों को एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच मिलेगा, जो 'सबका साथ, सबका विकास' और 'राष्ट्र एक परिवार है' की भावना को साकार करने में मददगार साबित होगा।